सदाशिव पुत्र और हमारे रक्षक देवता श्री कलि गणेश जी का यह चित्र गणेश जी के परम धाम गढ़ रणथम्भोर में स्थापित प्रतिमा का ही है और मूल गणेश पुराण में वर्णित गणेश वंदना के आधार पर भी यही है। जिनका मन्त्र इस प्रकार है
" ॐ शवेतास्व संस्थाय सितान्गधर्त्रे, क्षत्र वृतायासि लसत्कराय !
पीतांशुकाय द्विभुजान्विताय, धूम्र ध्वजायास्तु कलौ नमस्ते!!"
अर्थ -सफेद घोडे पर विराजमान है बर्फ के जैसे रंग के अंग है जिन्होने क्षात्र धर्म पालन का व्रत धारण कर रखा है जिनके एक हाथ मे तलवार शोभायमान है । पिताम्बर यानि पीले वस्त्र पहने हुए है दो भुजाओ वाले ,धुम्र {श्वेत बादल जैसी } वर्ण कि ध्वजा वाले, कलयुग के गणेश जी आपको प्रणाम करता हू ।
चारो युगो के गणेश अलग अलग होते है-
1-सतयुग -10 भुजा सिह सवारी
2-त्रेता युग - 6 भुजा , मोर सवारी
3-द्वापर युग - 4 भुजा सिन्दुर के समान रग , चुहा सवारी
4-कलयुग - 2 भुजा , सफेद घोडा सवारी ।
द्वापर के गणेश जी के भी न सुण्ड थी, न तोन्द थी, न हाथी का सर था ।
विघ्नहर्ता,मंगलकर्ता आप सब के जीवन में नूतन उत्साह का संचार करे समस्त विपत्तियों से आप सबकी और आपके परिवार की रक्षा करे...श्री गणेश भगवान हमें सारी बुराइयो से दूर रख कर आप हमें अपने चरणों में स्थान देवे ।
सभी को गणेश चतुर्थी की हार्दिक बधाई एव शुभकामनाए ..
श्री गणेश रिद्धि सिद्धि के साथ आपके घर विराजे..
आपने और आपका सगला परिवार ने गणेशचतुर्थी री घणी घणी शुभ कामनाएँ सा।।
" ॐ शवेतास्व संस्थाय सितान्गधर्त्रे, क्षत्र वृतायासि लसत्कराय !
पीतांशुकाय द्विभुजान्विताय, धूम्र ध्वजायास्तु कलौ नमस्ते!!"
अर्थ -सफेद घोडे पर विराजमान है बर्फ के जैसे रंग के अंग है जिन्होने क्षात्र धर्म पालन का व्रत धारण कर रखा है जिनके एक हाथ मे तलवार शोभायमान है । पिताम्बर यानि पीले वस्त्र पहने हुए है दो भुजाओ वाले ,धुम्र {श्वेत बादल जैसी } वर्ण कि ध्वजा वाले, कलयुग के गणेश जी आपको प्रणाम करता हू ।
चारो युगो के गणेश अलग अलग होते है-
1-सतयुग -10 भुजा सिह सवारी
2-त्रेता युग - 6 भुजा , मोर सवारी
3-द्वापर युग - 4 भुजा सिन्दुर के समान रग , चुहा सवारी
4-कलयुग - 2 भुजा , सफेद घोडा सवारी ।
द्वापर के गणेश जी के भी न सुण्ड थी, न तोन्द थी, न हाथी का सर था ।
विघ्नहर्ता,मंगलकर्ता आप सब के जीवन में नूतन उत्साह का संचार करे समस्त विपत्तियों से आप सबकी और आपके परिवार की रक्षा करे...श्री गणेश भगवान हमें सारी बुराइयो से दूर रख कर आप हमें अपने चरणों में स्थान देवे ।
सभी को गणेश चतुर्थी की हार्दिक बधाई एव शुभकामनाए ..
श्री गणेश रिद्धि सिद्धि के साथ आपके घर विराजे..
आपने और आपका सगला परिवार ने गणेशचतुर्थी री घणी घणी शुभ कामनाएँ सा।।




